मौलाना आज़ाद की पाकिस्तान के बारे में की गयी टिप्पणियाँ बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होनें ताउम्र फिरकापरस्ती के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। जब भारत का विभाजन हो गया, तो उसे नाज़ायज़ बताते हुए उन्होंने उसके भविष्य की एक तस्वीर खींची थी। किस तरह भारत और पाकिस्तान नाम के दो राष्ट्रों के निर्माण के पीछे की सोच ने उनका भविष्य तय कर दिया था, मौलाना आज़ाद की यह तक़रीर उसका सबूत है। सुनिए मौलाना आज़ाद का यह भाषण...
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स्वाधीनता आंदोलन की दीर्घकालिक रणनीति
लोगों की संघर्ष करने की क्षमता न केवल उन पर होने वाले शोषण और उस शोषण की उनकी समझ पर निर्भर करती है बल्कि उस रणनीति पर भी निर्भर करती है जिस...
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राजमोहन गांधी अंतिम जन, अप्रैल 2015 यह लेख अरुंधति रॉय के "द डॉक्टर एंड द सेन्ट" का जवाब है। रॉय का यह लेख मार्च 2014 म...
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शुभनीत कौशिक [जिस दौर में पटेल को दोनों तरफ से-- धुर दक्षिणपंथ और धुर वामपंथ-- की ओर से संघी सिद्ध करने की कोशिशें तेज हों, उस दौर म...
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